स्काउटिंग के कब सेक्शन से सीखा कि बच्चों को किस तरीके से मानसिक एवं शारीरिक तौर पर आगे जीवन में बढ़ाना चाहिए

Adhd और ऑटिज्म से बच्चे को बाहर निकालने का सिर्फ एक ही तरीका कि बच्चे को अच्छी तरीके से समझा जाए

स्काउटिंग के कब सेक्शन से सीखा कि बच्चों को किस तरीके से मानसिक एवं शारीरिक तौर पर आगे जीवन में बढ़ाना चाहिए

स्काउटिंग में hwb ( himalaya wood badge course सेक्शन से )करने के बाद 2 से 11 साल के बच्चों के ऊपर काम करना स्टार्ट किया, जिससे यह पाया गया कि हर 10 में से 6 बच्चों में autism और adhd की समस्या पाई जा रही है,... स्काउटिंग से छोटे बच्चों की मनोवैज्ञानिक, परीक्षण शिक्षा ग्रहण करने के बाद आज ऑटिज्म और एडीएhडी वाले बच्चों पर कार्य किया जा रहा है,,( जिससे एक बच्चा जिसका नाम है आदित्य उसे एकदम ठीक किया गया एवं ऑटिज्म जैसी बीमारी से बाहर निकाला गया.

ADHD और ऑटिज्म दोनों ही बीमारियों में ऐसी कई चीजें हैं जो एक दूसरे में व्याप्त यानी ओवरलैप नजर आती हैं. ADHD से पीड़ित बहुते से बच्चों में ऑटिज्म की कसौटी नजर आती है तो वहीं बहुत से ऑटिज्म पीड़ित बच्चों में ADHD की. मनोवैज्ञानिक, परीक्षण करके दोनों बीमारियों में अंतर और निदान कर सकता है.